कभी कभी ढूंडना पड़ता है . दोनोके बिच का रिश्ता


कभी कभी ढूंडना पड़ता है .
दोनोके बिच का रिश्ता 
सिर्फ प्यार ,दोस्ति का नाम देने दिया तो भी 
हमारा ,दिले के पास कोई है ...ये एहसास होता है ..

कभी कभी ढूंडना पड़ता है . दोनोके बिच का रिश्ता कभी कभी ढूंडना पड़ता है .  दोनोके बिच का रिश्ता Reviewed by SpandanKavita on September 17, 2017 Rating: 5

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