रहने दो कुछ बाते तेरे और मुज़मे ...


शोर करनाही ही नहीं .
रहने दो कुछ बाते तेरे और मुज़मे ...
"लोग कहते है की 
बहार आये हुए पोधोंको को भी नजर लग जाती है ..


रहने दो कुछ बाते तेरे और मुज़मे ... रहने दो कुछ बाते तेरे और मुज़मे ... Reviewed by SpandanKavita on January 11, 2018 Rating: 5

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