नफ़रतही शायद मोहब्बतमें बदल जायेगी..

तुम नफ़रत करते रहो, 
मैं प्यार करते रहूँगी..
क्या पता ,ये नफ़रतही 

शायद मोहब्बतमें बदल जायेगी..
@सोनाली कुलकर्णी

नफ़रतही शायद मोहब्बतमें बदल जायेगी.. नफ़रतही शायद मोहब्बतमें बदल जायेगी.. Reviewed by SpandanKavita on September 20, 2017 Rating: 5

Related Shayari

Powered by Blogger.